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लॉकडाउन का असर- Himachal में पहली बार पीडब्ल्यूडी ने की Online Negotiation

मंडीलॉकडाउन( lockdown) के कई सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अधिकतर सरकारी कार्यालय मिनीमम स्टाफ(Minimum staff) के साथ चल रहे हैं और लोगों की आवाजाही इन कार्यालयों में पूरी तरह से प्रतिबंधित है। ऐसे में सारा कार्य ऑनलाइन ही हो रहा है। लेकिन अब ऐसे कार्य भी ऑनलाइन होने लग गए हैं जो शायद ही कभी ऑनलाइन हो पाते। हिमाचल प्रदेश में लोक निर्माण विभाग(PWD) के सबसे पहले सर्कल कार्यालय ने लॉकडाउन में नई शुरूआत करके इतिहास रचा है। ऑनलाइन टेंडर के बाद नेगोसिएशन के लिए ठेकेदारों को कार्यालय बुलाया जाता था, लेकिन लॉक डाउन के चलते अब नेगोसिएशन के इस कार्य को भी ऑनलाइन कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता ई. विजय चौधरी ने पुष्टि करते हुए बताया कि उनके कार्यालय में दो कार्यों की ऑनलाइन नेगोसिएशन(Online Negotiation) की गई है। इसमें एक कार्य पधर डिविजन का है और दूसरा नेरचौक डिविजन का। ई. चौधरी ने बताया कि यह दोनों टारिंग के कार्य हैं और मौजूदा सीजन में ही इन कार्यों को पूरा करना है। ऐसे में ठेकेदारों के साथ ऑनलाइन नेगोसिएशन की गई है। ईमेल के माध्यम से इनके साथ नेगोसिएशन की गई है।

बता दें कि इन दोनों कार्यों में एक की लागत 32 लाख जबकि दूसरे की 67 लाख की है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि पीडब्ल्यूडी ने किसी कार्य की ऑनलाइन नेगोसिएशन की हो। इससे पहले यह ऑफलाईन ही होती थी और ठेकेदारों को कार्यालयों में आना पड़ता था।कहा जा सकता है कि लॉक डाउन के कई सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मंडी सर्कल का अब यह दावा है कि भविष्य में ऑनलाइन नेगोसिएशन की प्रक्रिया को ही अपनाया जाएगा ताकि ठेकेदारों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़े।

 

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