Skip to main content

मामला गरमाया : मंत्री की पोती के इलाज को Helicopter, पूर्व सैनिक की बच्ची की पूछ तक नहीं

हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल हमीरपुर में एक पूर्व सैनिक की पांच साल की मासूम बच्ची के इलाज ना मिल पाने के मामले पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस (Congress) ने भी पूर्व सैनिक की बेटी का इलाज ना होने पर सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पूर्व सैनिक विपिन कुमार ने बच्ची का इलाज ना किए जाने पर रोष जताते हुए जयराम सरकार (Jairam Sarkar) में कैबिनेट मंत्री की पोती के इलाज के लिए हेलिकॉप्टर भेजे जाने पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।

 

 

याद रहे कि तीन दिन पहले कक्कड़ के पूर्व सैनिक विपिन कुमार अपनी पांच साल की बेटी आरूषि को लेकर हमीरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Hamirpur Medical College Hospital) पहुंचा था। बच्ची की टांग में दो फ्रैक्चर आए हुए थे और सुजानपुर से रैफर की गई थी, लेकिन करीब दो घंटे तक दर्द से तड़पती हुई बेटी को किसी भी डॉक्टर के द्वारा इलाज ना किए जाने पर पूर्व सैनिक ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था, जिस पर डॉक्टर भी इलाज करने की बजाए बाहर भागते हुए दिखे थे। बाद में निजी अस्पताल में पूर्व सैनिक ने बच्ची का इलाज करवाया।

 

 

कांग्रेसियों ने खड़े किए सवाल

प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनीता वर्मा ने पूर्व सैनिक की बेटी अस्पताल में तड़पती रही है लेकिन किसी डॉक्टर (Doctor) ने उसका इलाज नहीं किया, वहीं एक मंत्री की पोती गिरती है तो हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक पूर्व सैनिक की बेटी के साथ हुई घटना की जांच की जाए और पता किया जाए कि किसने लापरवाही की है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इलाज के लिए सभी के लिए एक समान काम होना चाहिए और अगर मंत्री की पोती के लिए हेलीकॉप्टर आता है तो आम जनता के लिए भी वैसे ही सुविधा मिलनी चाहिए। उधर, सीएमओ डॉ अर्चना सोनी का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने वाले सभी मरीजों का इलाज किया जाता है और बच्ची के इलाज के लिए किसी डॉक्टर ने लापरवाही की है इसकी जानकारी नहीं है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

 

The post मामला गरमाया : मंत्री की पोती के इलाज को Helicopter, पूर्व सैनिक की बच्ची की पूछ तक नहीं appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/2NIzA5i
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...