Skip to main content

Himachal में अब नहीं रहेगा कोई अनपढ़, “पढ़ना लिखना अभियान” से हर व्यक्ति बनेगा शिक्षित

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में कल यानी पहली अप्रैल से “पढ़ना लिखना अभियान” (Padhana Likhana Abhiyan) का शुभारंभ किया जाएगा। इसके अभियान के बाद प्रदेश में कोई भी व्यक्ति अनपढ़ नहीं रह जाएगा। इस अभियान में 15 वर्ष की आयु से अधिक के व्यक्तियों को पढ़ना-लिखना सिखाया जाएगा। जिससे इस अभियान के तहत प्रदेश के लाखों अनपढ़ (Illiterate) लोगों को शिक्षित (Educate) किया जाएगा। इसी कड़ी में कुल्लू जिला में अपैल के प्रथम सप्ताह में इस अभियान की शुरूआत की जाएगी। जिसमें कुल्लू जिला के 4 शिक्षा खंड कुल्लू -1, कुल्लू-2, बंजार, नग्गर ब्लॉक में 16373 अनपढ़ व्यक्तियों को शिक्षित किया जाएगा। जिसमें 4094 पुरुष और 12281 महिलाओं को 4 माह के भीतर शिक्षित किया जाएगा। इस अभियान के तहत कुल्लू जिला में 21 लाखए 22 हजार 200 रुपए का बजट खर्च किया जाएगा। शिक्षा खंड बंजार में सिर्फ 628 पुरुष और शिक्षा खंड नगर में 3542 व्यक्ति में से 663 पुरुष और 2879 महिलाएं। शिक्षा खंड कुल्लू-1 में 7045 व्यक्तियों में से 1706 पुरुष और 5339 महिलाएं, शिक्षा खंड कुल्लू-2 में 5160 व्यक्तियों में से 1097 पुरुष और 4063 महिलाएं शामिल है।

यह भी पढ़ें: Himachal: प्रमोट होंगे 9वीं और 11वीं के छात्र- विभाग ने जारी किए निर्देश

प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक सीता राम बंसल ने बताया कि कुल्लू (Kullu) जिला में अपैल माह के प्रथम सप्ताह में पढ़ना लिखना अभियान की शुरूआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोरोना नियमों के पालन के साथ इस अभियान में 1637 वोलेंटियरों की सहायता से 15 वर्ष से अधिक उम्र के 16373 अनपढ़ व्यक्तियों को शिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिलाधीश के दिशा निर्देशानुसार इस कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास करेंगे। इस अभियान के तहत पढ़ने वाले व्यक्तियों को 4 माह में 120 घंटे पढ़ाई करवाई जाएगी जिसमें समय समय पर निरीक्षण किया जाएगा जिसके बाद पढ़ने वाले व्यक्ति की परीक्षा भी होगी, जिसमें सफल होने के बाद पढ़ने वाले व्यक्ति को सर्टिफीकेट दिया जाएगा।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

The post Himachal में अब नहीं रहेगा कोई अनपढ़, “पढ़ना लिखना अभियान” से हर व्यक्ति बनेगा शिक्षित appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3whbiEz
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...