Skip to main content

Rathore का वार- सरकार का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं, तालमेल की कमी

शिमला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर (Congress state president Kuldeep Rathore) ने कहा है कि सरकार का प्रशासन पर कोई भी नियंत्रण नहीं है। कोरोना (Corona) महामारी के इस दौर में भी सरकार व प्रशासन के बीच कोई तालमेल नजर नहीं आ रहा है। कोरोना संक्रमित लोगों को अपने इलाज के लिए मारे-मारे फिरना पड़ रहा है। अस्पतालों में कहीं बेड (Bed) नहीं, तो कहीं ऑक्सीजन (Oxygen) नहीं, कहीं वेंटिलेटर नहीं। अव्यवस्था के इस आलम में सरकार की दम तोड़ती पूरी व्यवस्था की पोल खुल गई है। कुलदीप राठौर ने बद्दी में एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव को अंतिम संस्कार के लिए कूड़ा ढोने वाले ट्रैक्टर में ले जाने और चंबा (Chamba) जिला के पांगी में कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) मजदूरों को सुलभ शौचालय में रखने पर हैरानी प्रकट करते हुए कहा है कि यह सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता को साफ दर्शाता है।

यह भी पढ़ें: जयराम की अध्यक्षता में हुई Covid-19 समीक्षा बैठक, लिए गए अहम निर्णय

उन्होंने कहा कि कोरोना से मरने वाले किसी भी व्यक्ति के परिवार पर विपदा में उसके अंतिम संस्कार को इस ढंग से किया जाना बहुत ही दुखद और हैरानी वाला है। उन्होंने इस पूरे मामले के दोषी अधिकारियों (Guilty Officers) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जताई है, जिसमें कोरोना प्रोटोकॉल (Corona Protocol) के तहत शहरों में किए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी व पंडित की पूजा का पूरा खर्च मृतक के आश्रित से वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी आपदा या महामारी में हुई किसी की भी मृत्यों पर कम से कम अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी का खर्च सरकार को उठाना चाहिए। उन्हें यह लकड़ी निशुल्क उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। राठौर ने प्रदेश में हर रोज बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चिंता प्रकट करते हुए लोगों का आह्वान किया है कि वह कोरोना से अपनी सुरक्षा के लिए इसके नियमों का पूरा पालन करें। इस समय उन्हें अनावश्यक इधर-उधर जाने से भी बचना चाहिए।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

The post Rathore का वार- सरकार का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं, तालमेल की कमी appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3eGTs5K
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...