Skip to main content

कोविड-19 वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा करने में जुटा प्रशासन, घर द्वार जाकर लगाई वैक्सीन

ऊना/बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थय विभाग द्वारा प्रदेशभर में कोविड-19 वैक्सीनेशन लगाने की मुहिम जारी है। जिला ऊना में विभाग ने वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा कर लिया है। वहीं, जिला बिलासपुर में भी लक्ष्य पूरा करने के लिए जिला प्रशासन फील्ड पर उतर आया है। पहले डोज के बाद 84 दिन का वक्त पूरा कर चुके लोगों को दूसरी डोज के लिए प्रेरित करने के लिए विभिन्न टीमों का गठन किया गया है।

यह भी पढ़ें:हिमाचल: स्कूली स्तर पर वैक्सीनेशन की दूसरी डोज में इस जिला ने पूरा किया शत प्रतिशत टारगेट

बता दें कि जिला ऊना में 18 वर्ष से अधिक आयु के 419000 लाभार्थियों को दोनों खुराक दी जा चुकी है। हालांकि, 30 नवंबर को जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान में टारगेट को अमेंड करके 424000 किया गया है। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुनः निर्धारित लक्ष्य को भी 3 दिसंबर तक हासिल करने की बात कही गई है। एक तरफ जहां स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न टीमें लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित कर रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ वैक्सीनेशन के लिए लगाए जा रहे सेशन के अलावा मोबाइल टीमें भी घर-घर जाकर लोगों को वैक्सीनेट कर रही हैं। सीएमओ ऊना डॉ रमन शर्मा ने कहा कि भारत सरकार द्वारा वैक्सीनेशन अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि बीमारी की हालत में व्यक्ति, गर्भवती महिला, स्तनपान करवाने वाली महिलाएं और किडनी या कैंसर के रोग से पीड़ित लोग भी वैक्सीनेशन करवा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: टारगेट पूरा करने की जल्दी में बांट दिए बिना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, जांच के दिए आदेश

 

 

वहीं, जिला बिलासपुर में कोविड वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बिलासपुर जिला प्रशासन फील्ड में उतर गया है। जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई टीमें अपने-अपने उक्त स्थानों पर निरीक्षण के लिए निकल गई हैं। मंगलवार को इसी कड़ी में सदर एसडीएम सुभाष गौतम अपनी टीम के साथ बिलासपुर नगर के डियारा सेक्टर, रौड़ा सेक्टर व कोसरिया सेक्टर में घर-घर जाकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने कई स्थानों मोबाइल वैन मंगवा कर कई जगहों पर मकानों का कार्य कर रहे मजदूरों को कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाई। एसडीएम ने बताया कि शहर में तीन मोबाइल टीमें गठित की गई है, जबकि पूरे जिले में इस वक्त 13 टीमें कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि कुछ स्थानों पर लोगों में वैक्सीनेशन को लेकर अभी भी भ्रांतियां हैं तो ऐसे में लोगों को कोविड-19 के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है और मौके पर ही मोबाइल टीम को इन्फॉर्म करने के बाद उनको वैक्सीनेशन लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में जहां किसी व्यक्ति ने कोविड-19 वैक्सीन नहीं लगाई है वहीं, मौके पर उसके दस्तावेज जांच करने के बाद उसको वैक्सीन लगाई जा रही है। एसडीएम ने बताया कि 5 दिसंबर, 2021 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा वैक्सीनेशन के डबल डोज के अभियान को पूरा करने के लिए बिलासपुर पहुंच रहे हैं।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

 

The post कोविड-19 वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा करने में जुटा प्रशासन, घर द्वार जाकर लगाई वैक्सीन appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3D0UnYY
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...