Skip to main content

हिमाचल: किस समय लगेगा कोरोना का टीका, 15 से 18 साल के बच्चे खुद करेंगे फैसला

शिमला। हिमाचल में 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को कोविड वैक्सीन (Covid Vaccine) तीन जनवरी से शुरू होगी। इस वैक्सीन के लिए इस आयु वर्ग के बच्चे खुद ही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के साथ टीकाकरण का समय निर्धारित कर सकेंगे। इसके अलावा यह बच्चे अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से नया खाता भी खोल सकते हैं। यह जानकारी गुरुवार को कोविड टीकाकरण (Covid Vaccination) के लिए गठित राज्य कार्य बल समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने दी। बैठक में 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को कोविड टीकाकरण और 60 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के सहरूग्णता वाले लोगों को कोविड टीके की तीसरी एहतियातन खुराक देने की तैयारियों की समीक्षा की गई।

यह भी पढ़ें:साढ़े चार लाख स्कूली बच्चों को स्कूल में ही लगेगी कोरोना वैक्सीन, ये रहेगा प्रोसेस

इस दौरान उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग के लाभार्थियों को को-वैक्सीन दी जाएगी। इस आयु वर्ग के पात्र बच्चे कोविन पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर टीके के लिए समय निर्धारित कर सकते हैं अथवा अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से नया खाता खोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि समीपवर्ती राजकीय उच्च पाठशाला और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में ऑनलाइन (Online) अथवा मौके पर ही टीके के लिए समय निर्धारण करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अमिताभ अवस्थी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्णय के अनुसार प्रदेश में 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का कोविड-19 (Covid-19) टीकाकरण 3 जनवरी, 2022 से प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवीं से बाहरवीं कक्षा के 357450 लाभार्थियों को 2797 राजकीय पाठशालाओं में यह टीके लगाए जाएंगे।

यह भी पढ़ें:हिमाचल में 15 से 18 साल के 4 लाख किशोरों को लगेगी वैक्सीन, 15 दिन का लक्ष्य

वैक्सीन के लिए छुट्टियों में नजदीकी स्कूल में बुलाए जाएंगे बच्चे

तीन जनवरी से शुरू हो रहे देश में 15 से 18 वर्ष आयु के बच्चों को वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए छुट्टियों में स्कूलों में बुलाया जाएगा। प्रदेश के शीतकालीन स्कूलों में एक जनवरी और ग्रीष्मकालीन स्कूलों में 3 जनवरी से सर्दियों की छुट्टियां घोषित की गई हैं। वैक्सीनेशन ड्राइव को सफल बनाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि शेड्यूल के मुताबिक विद्यार्थियों को छुट्टियों के दौरान नजदीकी स्कूलों में बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थी प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में सभी स्कूल और कॉलेज प्रिंसिपल को निर्देश दिए गए हैं कि इन आयु वर्ग के विद्यार्थियों को चिह्नित कर कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाने के लिए कहा जाए।

 

 

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

 

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए Subscribe करें हिमाचल अभी अभी का Telegram Channel…

 

 

The post हिमाचल: किस समय लगेगा कोरोना का टीका, 15 से 18 साल के बच्चे खुद करेंगे फैसला appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3HoI5w8
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...