Skip to main content

हिमाचल: अब पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक, विंटर कार्निवल में लगेंगे ये स्टाल

लाहुल-स्पीति। लाहुल घाटी में मौजूद पर्यटन के तमाम आकर्षण को देश-विदेश के पर्यटकों से रूबरू करने के लिए लाजवाब लाहुल के बैनर तले बुधवार को मनाली में पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प उत्पादों को लेकर स्थापित आउटलेट का शुभारंभ किया गया। लाहुल घाटी के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए इन उत्पादों को पर्यटक लाहुल-स्पीति भवन के प्रांगण में स्थापित इस आउटलेट से खरीद सकते हैं और घाटी के पारंपरिक व्यंजनों के स्वाद और सुगंध का आनंद भी उठा सकते हैं।

यह भी पढ़ें:पीएम मोदी के स्वागत को छोटी काशी तैयार, परोसे जाएंगे ये 10 स्वादिष्ट व्यंजन

 

 

बता दें कि घाटी के लाजवाब कला-शिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को लाहुल के बाहर पहुंचाने के मकसद से शुरू पहल लाजवाब लाहुल ने मनाली स्थित लाहुल-स्पीति भवन में पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प उत्पादों को लेकर स्थापित आउटलेट (Outlet) का शुभारंभ उपायुक्त नीरज कुमार ने किया। डीसी नीरज कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की पहल लाजवाब लाहुल के तहत ही इस आउटलेट की शुरुआत पर्यटन नगरी मनाली में की गई है ताकि लाहुल घाटी के स्वयं सहायता समूह इस आउटलेट के माध्यम से देश-विदेश के उपभोक्ताओं तक इन आकर्षक उत्पादों को पहुंचा सकें। उन्होंने बताया कि विंटर कार्निवल (Winter Carnival) आयोजन समिति से भी इन स्वयं सहायता समूहों को विंटर कार्निवल के दौरान स्टाल मुहैया करने का आग्रह किया गया है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं इस स्टाल के जरिए इन उत्पादों को विंटर कार्निवल में आने वाले पर्यटकों को बेच सकेंगी।


डीसी लाहुल नीरज कुमार ने कहा कि लाजवाब लाहुल के तहत आने वाले समय में फूड फेस्टिवल (Food Festival) विभिन्न जगहों पर आयोजित किए जाएंगे। इनमें जिस समूह द्वारा सर्वाधिक बिक्री अर्जित की जाएगी उन्हें जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाहुल-स्पीति भवन में घाटी के हस्तशिल्प उत्पादों और व्यंजनों के लिए एक स्थायी आउटलेट तैयार करने की दिशा में भी विचार किया जाएगा ताकि पूरा सीजन घाटी के बेहतरीन उत्पाद पर्यटकों की पहुंच में रहें। उन्होंने बताया कि लाहुल घाटी की इस समृद्ध विरासत को सहेजने और विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विकसित करने की कार्य योजना पर भी काम चल रहा है ताकि मौजूदा बाजार और उपभोक्ताओं की अपेक्षा के मुताबिक इन उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग के काम को अंजाम दिया जा सके। वहीं, नगर परिषद मनाली के अध्यक्ष चमन कपूर ने कहा कि लाहुल घाटी के इन स्वयं सहायता समूह को विंटर कार्निवल में स्टॉल उपलब्ध कर दिया जाएगा।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए Subscribe करें हिमाचल अभी अभी का Telegram Channel…

 

 

The post हिमाचल: अब पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक, विंटर कार्निवल में लगेंगे ये स्टाल appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3JuAOwK
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...