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कुटलैहड़ की परेशानी, हर घर में नल, मगर आता नहीं पानी

ऊना। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Himachal Pradesh Congress Committee) के सचिव एवं कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेता देसराज मोदगिल ने शनिवार को ऊना के सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मौजूदा कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर (Agriculture Minister Virendra Kanwar) पर जोरदार हमला बोला। देसराज मोदगिल ने विधानसभा क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक को जमकर आड़े हाथ लिया।

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इस मौके पर उन्होंने कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर को उन्हीं का वायदा याद दिलाते हुए पूछा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने जनता से यह वादा किया था कि यदि मैं पानी की समस्या को हल नहीं कर पाया तो अगली बार वोट मांगने नहीं आऊंगा, देशराज मोदगिल ने कहा कि वीरेंद्र कंवर को अपने किए वादे के मुताबिक अब राजनीति से पीछे हटना चाहिए। वह विधानसभा क्षेत्र के लोगों की जल समस्या को हल करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। इस मौके पर उन्होंने विधायकों के बीजेपी (BJP) में शामिल होने पर भाजपा पर ही निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त कर दूसरे दलों की सरकारें गिरा लोकतंत्र की हत्या कर रही है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव देसराज मोदगिल (Desraj Modgil) ने कुटलैहड़ के विधायक और मौजूदा कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर को जमकर निशाने पर लिया है। शनिवार को ऊना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान देसराज मोदगिल ने कहा कि मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के हर घर में नल तो है लेकिन वो नल बिना जल के लगा दिए गए हैं। उन्होंने कृषि मंत्री को पिछले विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Election) के दौरान किया गया वादा याद दिलाते हुए कहा कि वीरेंद्र कंवर ने विधानसभा चुनाव में उतरने से पहले जनता से यह वादा किया था कि यदि वह कुटलैहड़ की पानी की समस्या को हल नहीं कर पाए तो अगली बार वह वोट मांगने नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि आज भी विधानसभा क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के लोग पानी की समस्या से जूझते नजर आते हैं अब ऐसे में कृषि मंत्री बताएं कि वह अपने किए वादे के मुताबिक राजनीति से पीछे हट रहे हैं या नहीं।

वहीं इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश सचिव देशराज मोदगिल ने बीजेपी को जमकर आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेशों में सत्ता संभालने के बाद बीजेपी ने लगातार लोकतंत्र की हत्या की है। हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त इसी श्रेणी में गिनी जाती है जबकि इससे पहले मध्य प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी कांग्रेस की सरकारों को असंवैधानिक तरीके से तोड़कर भाजपा ने लोकतंत्र का गला घोटा है।

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