Skip to main content

हिमाचल में तेंदुआ और काले भालुओं की गिनती हुई शुरू

हमीरपुर। हिमाचल में तेंदुआ (Leopard) और काले भालुओं (black bears) की गिनती हो रही है। प्रदेश में यह पहली बार साइंटिफिक सर्वे (scientific survey) हो रहा है। विभाग के पास इनकी संख्या के पुख्ता प्रमाण नहीं हैं। जब यह काम पूरा हो जाएगा । जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के सहयोग से पूरे हिमाचल में चिह्नित किए गए टैपिंग एरिया के सैंपल कलेक्शन का काम पिछले माह मुकम्मल हो चुका है। अब अगले साल मई-जून तक यह रिपोर्ट फाइनल हो जाएगी। इस संबंध में हिमाचल में वर्ष 2003.04 में जनरल सर्वे हुआ था। मगर यह कारगर साबित नहीं हो सका था।

यह भी पढ़ें:पौंग डैम वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी हुई विदेशी परिंदों से गुलजार, अब तक 21 हजार पहुंचे

तेंदुआ कभी-कभी नरभक्षी हो जाता है। इसके लिए आवाज भी उठती रही है। आमतौर पर तेंदुआ हिमाचल के कई इलाकों में दहशत फैला चुके हैं। रिहायशी इलाकों में भी इनकी मौजूदगी अक्सर देखी जाती रही है। इसके लिए सेटेलाइट के हिसाब से एरिया सिलेक्ट हुए थे। वहीं इनके ग्रिड भी बने थे। ताकि प्रमाणित संख्या का पता लगाया जा सके। काले भालुओं की संख्या के लिए अभी तक हिमाचल में कोई भी सर्वे नहीं हो सका है। सैंपल कलेक्शन के बाद अब जेनेटिक एनालिसिस शुरू हो चुका हैए इसमें समय लगता है। वाइल्डलाइफ और फॉरेस्ट विभाग ने साझा रूप में जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (Zoological Survey of India) के माध्यम से जो एजेंसी हायर की थी उसका फील्ड वर्क मुकम्मल हो चुका है। ट्रेपिंग एरिया में तीन-तीन हफ्ते तक यह सैंपल कलेक्शन हुई है। अब डीएनए एनालिसिस किया जाएगा।वाइल्डलाइफ के एडिशनल पीसीसीएफ अनिल ठाकुर का कहना है कि प्रोसेस लंबा रहता है। लेकिन पहली मर्तबा इस तरह का सर्वे हो रहा है। साइंटिफिक सर्वे से वास्तविक स्थिति सामने आएगी। इसके लिए थोड़ा वक्त लगेगा। मई-जून तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद इनसे संबंधित समस्याओं और स्ट्रेटजी बनाने में विभाग को मदद मिलेगी।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

The post हिमाचल में तेंदुआ और काले भालुओं की गिनती हुई शुरू appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/dAGRsJf
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...