Skip to main content

कल गवर्नमेंट स्कूलों की पहली से 8वीं तक के 90 हजार स्टूडेंट्स का रिजल्ट होगा डिक्लेयर

चंडीगढ़.शहर के गवर्नमेंट स्कूलों की पहली से 8वीं तक के स्टूडेंट्स का रिजल्ट मंगलवार को घोषित किया जाएगा। कोरोना वायरस का असर रिजल्ट पर भी पड़ेगा। यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट ने फैसला किया है कि 9वीं और 11वीं का रिजल्ट डिक्लेयर न किया जाए।

यह रिजल्ट तब निकाला जाएगा जब कोरोना वायरस का प्रकोप खत्म हो जाएगा। वहीं, पहली से 8वीं तक के रिजल्ट को 31 मार्च को ही जारी किया जाएगा। यह ऑडर्स डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर अलका मेहता की ओर से जारी किए गए हैं। इन क्लासेज का रिजल्ट अलग अलग तरीके से पेरेंट्स तक पहुंचाया जाएगा। पहली से 8वीं तक करीब 90 हजार और 9वीं व 11वीं में करीब 26 हजार स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं।


एसएमएस, वॉट्सएप और ईमेल का सहारा
एजुकेशन डिपार्टमेंट ने अपने सभी गवर्नमेंट स्कूलों को लेटर जारी किया। इस लेटर में कहा गया है कि कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन है लेकिन पहली से 8वीं क्लास के स्टूडेंट्स का रिजल्ट 31 मार्च को ही डिक्लेयर करना होगा। इसके लिए डिपार्टमेंट ने स्कूलों को कुछ तरीके अपनाने के लिए कहा है। पेरेंट्स स्कूल नहीं आ सकते तो उन्हें अलग अलग तरीके से रिजल्ट पहुंचाने का जिम्मा संबंधित स्कूलों के टीचर्स का ही होगा। एजुकेशन डिपार्टमेंट ने स्कूलों से कहा है कि वह स्टूडेंट्स या पेरेंट्स को टेक्स्ट मैसेज और ईमेल करें। इसके साथ ही टीचर्स क्लास के वॉट्सएप ग्रुप में भी रिजल्ट को डाल दें। अगर किसी का नंबर नहीं मिल रहा तो फिर रिजल्ट को स्कूल की वेबसाइट पर डाल दिया जाए ताकि कोई पेरेंट या स्टूडेंट कहीं से भी उसे देख सके।


9वीं और 11वीं का रिजल्ट रोका गया
एजुकेशन डिपार्टमेंट ने पहली से 8वीं तक का रिजल्ट इसलिए घोषित करने का फैसला किया क्योंकि राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत 8वीं तक किसी भी स्टूडेंट को फेल नहीं किया जा सकता। हालांकि इसके बाद की क्लासेज में खराब परफॉर्म करने वाले स्टूडेंट को फेल किया जा सकता है। डिपार्टमेंट के अफसर नहीं चाहते कि इस समय स्टूडेंट्स या उनके पेरेंट्स को किसी तरह का स्ट्रेस दिया जाए। यह वजह है कि 9वीं और 11वीं का रिजल्ट तब घोषित होगा जब गवर्नमेंट स्कूल खुल जाएंगे। दोनों क्लासेज के कुल मिलाकर करीब 26 हजार स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिन्हें कोरोना वायरस के प्रकोप के खत्म होने का इंतजार करना होगा क्योंकि उसके बाद ही गवर्नमेंट स्कूल खुलेंगे और रिजल्ट जारी होगा।


एजुकेशन डिपार्टमेंट के 6 हेल्पलाइन नंबर
यूटी एजुकेशन डिपार्टमेंट ने 6 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अगर पेरेंट्स को किसी गवर्नमेंट स्कूल के किसी क्लास के रिजल्ट संबंधित कुछ पूछना है तो वह इन 6 नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं। इन नंबर्स पर सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक काॅल की जा सकती है। अगर आपको इन 6 नंबर्स से कोई समस्या आए तो इसके लिए एक ओवरऑल कॉर्डिनेटर भी लगाया गया है। यह कॉर्डिनेटर हैं सुखराज कौर और इनका मोबाइल नंबर 9855600522 है।

  1. बिंदू प्रिंसिपल, जीएमएसएसएस सेक्टर 33, 9872662994
  2. सुखपाल कौर, प्रिंसिपल जीएमएसएसएस सेक्टर 21, 7888604425
  3. जसपाल कौर, टीचर, जीजीएमएसएसएस सेक्टर 18, 9872341016
  4. अमृता, टीचर, जीजीएमएसएसएस सेक्टर 18, 9855405913
  5. संजय, टीचर, जीएमएसएसएस सेक्टर 16, 9814455466
  6. डीईओ ऑफिस, 0172: 5021695


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सिंबोलिक इमेज


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2QUUVKx
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...