Skip to main content

गुरुवार से सब्जी मंडी में आधी ही खुलेंगी सब्जियों और फलों की दुकानें, करियाना शाॅप्स के लिए शुरू होगा ऑड और इवन सिस्टम

चंडीगढ़.कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद अब चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर-26 की सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ न लगे,इसके लिए कई सख्त प्रावधान लागू करने का फैसला किया है। गुरुवार से लागू होने वाले इन निर्देशों में सबसे पहले ये कि मंडी में अब सब्जी और फलों की होलसेल दुकानें आधी ही एक दिन में खुलेगी।

इसको लेकर एडमिनिस्ट्रेटर मार्केट कमेटी यूटी चंडीगढ़ नाजुक कुमार की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें कहा गया है कि एक दिन में आधी दुकानें खुलेगी जो करीब 130 व्यापारियों की होंगी। जबकि अगले दिन बाकी की दुकानें खुलेंगी और130 के करीब दुकानें बंद रहेंगी।

इसको लेकर मार्केट कमेटी सेक्रेटरी को कहा गया है कि वे प्राॅपर लिस्टें डे वाइज तैयार करें और व्यापारियों को इसको लेकर जानकारी दें। हांलाकि ये भी कमेटी को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि हर रोज सभी सब्जी और फल मंडी में आने चाहिए। सेक्रेटरी मार्केटिंग बोर्ड चंडीगढ़ ने भी इन निर्देशों को मंजूरी दे दी है। इसमें कानूनों का उल्लघंन करने वालों पर आईपीसी, सीआरपीसी, एेपेडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।


इसी तरह से सेक्टर-26 में करियाना शाॅप्स को लेकर भी इसी तरह का सिस्टम लागू होगा। यहां की करियाना दुकानों के लिए ओड और इवन काॅन्सेप्ट को लागू किया गया है। जिसमें जिस दुकान का ईवन नंबर है वो ईवन डेट में खुलेगी और जिसका ओड नंबर है वो ओड डेट में ही खुलेगी। यानि प्रत्येक दिन यहां भी दुकानें इसी तरह से आधी ही खुलेंगी और अगले दिन ये दुकानें बंद तो दूसरी खुलेंगी।


हर रोज तीन घंटे के लिए मंडी को किया जाएगा बंद
हर रोज सब्जी मंडी को पूरी तरह से तीन घंटे के लिए बंद किया जाएगा। इसको लेकर कहा गया है कि इन तीन घंटों में एमसी पूरे मंडी एरिया को सेनेटाइज करेगा। ये सेनेटाइजेशन का काम हर रोज करने के निर्देश हैं।

ये बड़े फैसले जो गुरुवार से होंगे सब्जी मंडी को लेकर लागू

  1. सीटीयू की 60 बसें जो सब्जियों को लेकर अलग अलग सेक्टरों में चलाी जाती हैं उनको 20-20 के तीन बैच में मेनेज किया जाएगा। प्रत्येक बैच के लिए 2 घंटे का टाइम रहेगा।
  2. सीटीयू की बसें जो पेरीफेरी एरिया के लिे चलती हैं उनमें सब्जियां रखने का काम सीसीईटी सेक्टर-26 के ग्राउंड पर दो शिप्टों में होगा। वेंडर और ट्रक वाले यहीं पर आलू, टमाटर और प्याज की सप्लाई भेंजेगे।
  3. मंडी में सिर्फ एक एंट्री और एक एग्जिट रहेगा। सिर्फ लिमिटेड व्हीकल्स ही यहां पर आ सकते हैं।
  4. डीएसपी ईस्ट और डीएसपी पीसीआर को और पुलिस कर्मी यहां पर लगाए जाने के लिए कहा गया है।
  5. चार सेक्टर रिस्पांस टीम यहां पर लगेंगी जो सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर ही काम करेगी।
  6. रेहड़ी फहड़ी वालों की संख्या कम की जाएगी। जिसको मार्केट कमेटी तय करेगी।
  7. किसी भी व्यक्ति को मंडी में आने की मंजूरी नहीं दी गई है।
  8. मंडी के एरिया में किसी कार को एंट्री की मंजूरी नहीं दी गई है। कार मध्यमार्ग की तरफ को या सेक्टर-7 की मार्केट मध्य मार्ग में ही पार्क करनी होगी।
  9. किसी को भी मंडी में बिना मास्क के एंट्री की मंजूरी नहीं।
  10. चीफ इंजीनियर यहां पर पोर्टेबल हैंड वाॅश यहां पर उपलब्ध करवाएंगे।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सिंबोलिक फोटो


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2UNwMHe
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...