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In Depth: कंडक्टर नहीं आएंगे Ticket काटने, सवारी को करना होगा ये काम, जान ले

धर्मशाला। कर्फ्यू के बीच 72 दिनों के बाद कल यानी सोमवार से हिमाचल प्रदेश में बसों (Buses) का संचालन शुरू हो जाएगा। इस दौरान बस की सीटिंग कैपिसिटी के हिसाब से किसी भी बस में 60 फीसदी सवारियों को ही बस में चढ़ाया जाएगा। बस में 60 प्रतिशत सवारियां पूरी होने पर कंडक्टर (Conductor) सीटी नहीं बजाएगा, इसके साथ ही कंडक्टर टिकट (Ticket) काटने के लिए भी सवारी के पास नहीं जाएगा। सवारी को स्वयं कंडक्टर के पास जाकर टिकट लेनी होगी। सवारी पिछले दरवाजे से बस के अंदर प्रवेश करेगी और अगले दरवाजे से उतरेगी। बसों का संचालन सुबह सात बजे से लेकर सांय सात बजे तक रहेगा।

 

एक-दो-तीन नंबर सीट पर नहीं बैठेंगी सवारियां

 

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कोविड-19 (Covid-19) के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए इस बात की भी व्यवस्था कर दी गई है कि बस की एक, दो और तीन नंबर सीट पर सवारियां नहीं बैठ सकेंगी। यहां पर प्लास्टिक का कवर लगाकर कैबिन बनाया जा रहा है। परिचालक इसी कैबिन में बैठेगा। यहां आकर ही सवारियां टिकट ले सकेंगी। बस अड्डों पर काउंटरों में भी टिकट दिया जाएगा। बस रोकने के लिए यात्रियों को घंटी (Bell) का इस्तेमाल करना होगा। बस को पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाएगा। एचआरटीसी के आरएम पंकज चड्डा ने बताया कि डबल सीट पर एक ही सवारी बैठेगी जबकि तीन सवारियों वाली सीट पर दो लोग बैठेंगे। बस की सीट पर लाल रंग का क्रॉस लगाया जा रहा है। लाल रंग के क्रास  (Red cross) पर सवारियों को बैठने की अनुमति नहीं होगी। बसों में खड़े होकर यात्रा करने पर मनाही होगी।

बिलासपुर-कुल्लू से लंबे रूटों पर बसें चलाने की अनुमति नहीं

बिलासपुर व कुल्लू जिलों से लंबे रूटों पर बसें चलाए जाने की अनुमति नहीं दी गई है, चूंकि ये बसें शाम सात बजे से पहले अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकेंगी। जिला सिरमौर के वाया चंडीगढ़ रूट बंद रहेंगे। पठानकोट जाने वाली बसें जसूर में रुकेंगी। एचआरटीसी (HRTC) के पास 3300 बसें हैं जबकि निजी 3100 बसें हैं, इनमें 70 फीसदी बसें ही चलेंगी। कांगड़ा जिला में 350 एचआरटीसी की बसें दौड़ेंगी, जबकि शिमला जिले में 106 निजी और 200 एचआरटीसी की बसें चलेंगी। इसी तरह कुल्लू जिले में 40 एचआरटीसी और 50 निजी बसें (Private Buses) ही चलेंगी।

 

इस जिले के बाहर कोई बस नहीं जाएगी। मंडी जिले से शिमला (Shimla) और कुल्लू जिले सहित लोकल रूटों पर  50 फीसदी बसें चलेंगी, लेकिन इस जिले में निजी बसें नहीं चलेंगी। ऊना (Una) जिले से पूरे प्रदेश में 50 फीसदी रूटों पर ही एचआरटीसी की बसे चलेंगी । बिलासपुर (Bilaspur) जिले में फिलवक्त अपने ही जिला के भीतर बसें चलाने की बात कही गई है। सिरमौर में सौ रूटों पर बसें चलाने की अनुमति दी गई है। इस जिला से शिमला और सोलन को भी बसें जाएंगी। हमीरपुर जिले के 47 लोकल और 6 अंतर जिला रूटों पर बसें चलाए जाने की तैयारी है। लाहुल-स्पीति में 30 बसें जिले के भीतर और चंबा के पांगी व कुल्लू जिले के लिए चलाने की तैयारी है। चंबा जिले में 45 रूटों पर 52 बसें चलाई जाएंगी। सोलन जिला में 200 रूटों पर 100 बसें चलेंगी।

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