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बड़ी खबरः 80 फीसदी पैसा खर्च ना कर पाने वाले प्रधान नहीं लड़ सकेंगे Election

ऊना। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर (Virendra Kanwar) ने कहा है कि पंचायतों को सभी मदों में प्राप्त होने वाले फंड का 80 प्रतिशत पैसा खर्च ना कर पाने वाले प्रधान चुनाव (Election) लड़ने से अयोग्य घोषित किए जाएंगे, उनके आगामी पंचायत चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह बात वीरेंद्र कंवर ने आज जिला ऊना के सभी डीआरडीए (DRDA) हॉल में आयोजित एक समीक्षा बैठक में कही। इस बैठक में गगरेट से विधायक राजेश ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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पंचायती राज मंत्री ने कहा कि पंचायतों में करवाए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पंचायत चुनाव आने से पहले विकास कार्यों की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाएगी, इसके लिए जल्द ही विशेष टीम का गठन किया गया जाएगा। उन्होंने सभी बीडीओ (BDO) को लंबित कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

 

मुख्यमंत्री एक बीघा योजना को लेकर लोगों में उत्साह

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री एक बीघा योजना को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। जिला ऊना (Una) में इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए 234 आवेदन आए हैं, जिनमें से अंब से 51, बंगाणा से 80, गगरेट से 55, हरोली से 35 तथा ऊना से 13  प्राप्त हुए हैं। इनमें से 24 मामलों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा पंचवटी योजना के तहत जिला ऊना में 10 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कोरोना संकट के बीच अपना रोजगार छोड़कर वापस हिमाचल (Himachal) लौटे लोगों को फिर से रोजगार प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने स्किल रजिस्टर तैयार किया है। इस रजिस्टर के माध्यम से जिला ऊना में अब तक 1245 युवा पंजीकृत हुए हैं, जिसमें से 805 कोरोना (Corona) संकट के दौरान वापस आए व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को हिमाचल के उद्योगों की मांग के अनुसार रोजगार प्रदान किया जाएगा।

सेवा प्रदाताओं का बनेगा हेल्प डेस्क

वीरेंद्र कंवर ने सेवा प्रदाताओं के लिए ऑनलाइन हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए। जिसके माध्यम से प्लंबर, राज मिस्त्री तथा इलेक्ट्रीशियन आदि सेवा प्रदाताओं को जोड़ा जाएगा तथा कोई भी ग्राहक डेस्क के माध्यम से यह सेवाएं प्राप्त कर सकता है। साथ ही प्रत्येक कार्य का रेट भी तय किया जाएगा। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अरिंदम चौधरी, परियोजना अधिकारी संजीव ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी रमण कुमार शर्मा तथा सभी बीडीओ उपस्थित रहे।

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