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Himachal: कुश्ती में नेशनल खेल चुका खिलाड़ी निचोड़ रहा गन्ने का रस, एक बेरोजगार

सुंदरनगर। वैश्विक महामारी कोरोना से हर किसी को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कुछ तो इतने मजबूर हैं कि उन्हें अब अपना भविष्य तक धुंधला नजर आने लगा है। कोरोना (Corona) ने कई लोगों को बेरोजगार कर दिया है। ऐसे ही बेरोजगारी से जूझ रहे जिला मंडी के नेशनल रेसलर (National wrestler) अजय और राकेश हैं। अजय पांच नेशनल खेल कर घर में बेरोजगार हैं तो राकेश तीन बार नेशनल लेवल पर कुश्ती में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर नेशनल हाईवे 21 के किनारे सुंदरनगर में गन्ने का रस बेच परिवार का गुजारा कर रहा है।

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वहीं, दोनों खिलाड़ियों ने कहा की आईटीआई डिप्लोमा करने के बावजूद बिजली विभाग में खिलाड़ियों के लिए 3 प्रतिशत कोटे के तहत लाइनमैन और अन्य पदों पर कुश्ती, बॉक्सिंग व जूडो खिलाड़ियों को योग्य करार नहीं दिया जा रहा है। इस समस्या को लेकर दोनों खिलाड़ी सीएम जयराम ठाकुर व कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से भी फरियाद लगा चुके हैं। लेकिन, आज दिन तक इन दोनों खिलाड़ियों को मात्र कोरे आश्वासन के सिवा और कुछ भी नहीं हाथ लगा है। राकेश और अजय कुमार ने कुश्ती के साथ अन्य खेलों को बिजली विभाग में शामिल किया जाने की मांग की है।

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नेशनल रेसलर राकेश कुमार बोले आईटीआई डिप्लोमा होने के बाद भी नहीं मिली नौकरी

बता दें कि मंडी जिला के उपमंडल सुंदरनगर के गांव तलवाली निवासी 31 वर्षीय नेशनल खिलाड़ी राकेश कुमार ने बताया कि वे कला स्नातक हैं और वर्ष 2018 में आईटीआई इलेक्ट्रिशियन डिप्लोमा भी किया है। बिजली विभाग (Electricity Department) में खिलाड़ियों के लिए 3 प्रतिशत कोटे के तहत लाइनमैन और अन्य पद भरे जाने हैं। लेकिन इसमें कुश्ती, बॉक्सिंग, जूडो आदि खेलों के खिलाड़ियों को योग्य करार नहीं दिया जा रहा है। इसके संबंध में सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) और पूर्व खेल मंत्री माननीय गोविंद ठाकुर के समक्ष भी हमने दो-तीन बार मांग रखी थी। उन्होंने इस दिशा में जल्द कार्रवाई अमल में लाने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। वहीं, जब उन्होंने इस बारे में बिजली विभाग के अधिकारीयों से बात की तो उन्होंने भी सरकार के फैसले के अनुसार ही फैसला लेने की बात कही।

पांच नेशनल खेल चुका अजय रोजी रोटी के भटक रहा इधर उधर

जिला मंडी के बल्ह उपमंडल के लोहारा गांव के 31 वर्षीय कुश्ती खिलाड़ी अजय कुमार ने कहा कि पिछले लंबे समय से कुश्ती खेल में हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं और अभी मौजूदा समय में 5 नेशनल खेल चुके हैं। उन्होंने कहा कि कुश्ती सहित अन्य खेलों को बिजली विभाग में शामिल करने के लिए सीएम जयराम ठाकुर और खेल मंत्री (Sports Minister) से कई बार मिल चुके हैं। लेकिन माननीयों द्वारा आश्वासन देने के बावजूद आजदिन तक इस विषय पर सरकार की ओर से कोई भी फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बीच हम लोग घर पर बेरोजगार बैठे हैं और परिवार की रोजी रोटी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

 

क्या कहते हैं वन मंत्री

हिमाचल प्रदेश सरकार के वन, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया (Rakesh Pathania) ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। अगर खिलाड़ी पात्र होगा तो उसे सरकार की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि 3 प्रतिशत कोटे के साथ अब खेल मंत्रालय प्रदेश में नई खेल नीति भी लेकर आ रही है। इन सभी पहुलओं को ध्यान में रखा जा है। राकेश पठानिया ने कहा कि गाइडलाइंस भारत सरकार से आती है और इसको लेकर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने सहायता करने का पूरा आश्वासन दिया है।

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