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हिमाचल में कल से खुलेंगी ITI, तकनीकी शिक्षा विभाग ने जारी की SOP

शिमला। हिमाचल प्रदेश में छह महीने के बाद कल यानी गुरुवार से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) खुल जाएंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इसको लेकर बुधवार को एसओपी (SOP) जारी कर दी है। छात्र 50-50 फीसदी के रोटेशन में आईटीआई (ITI) आएंगे। छह माह बाद खुले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में गुरुवार को पहले प्रथम और द्वितीय वर्ष के ऐसे छात्र जिनका इस साल कोर्स पूरा होना है आएंगे, ताकि इनका प्रशिक्षण (Training) पूरा हो सके। वहीं, नवंबर के पहले सप्ताह में इनकी परीक्षाएं प्रस्तावित की गई हैं। इसके साथ ही ऐसे छात्र जिनका दो साल का कोर्स हैं वह 10 अक्टूबर से आईटीआई आएंगे। 10 अक्टूबर से 10 नवंबर तक इनकी ट्रेनिंग होगी। इसके बाद इन्हें अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। इनकी परीक्षाएं दिसंबर में प्रस्तावित की गई है।

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हालांकि सभी आईटीआई प्रधानाचार्यों को शारीरिक दूरी के नियमों की पालना के लिए दो से तीन शिफ्टों में भी छात्रों को बुलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आईटीआई में सारे इंस्ट्रक्टर को ड्यूटी पर माजूद रहने को कहा गया है। वहीं गैर शिक्षक कर्मचारियों को 50-50 फीसदी के हिसाब से संस्थानों में बुलाया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक विवेक चंदेल की ओर से एसओपी का सर्कुलर सभी आईटीआई को भेज दिया है।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में इन नियमों का होगा सख्ती से पालन

किसी भी संस्थान में छात्रों का प्रवेश थर्मल स्कैनिंग (Thermal Scanning) के बाद ही होगा। क्लासरूम, लैब सहित कैंपस में जगह जगह हैंड सैनेटाइजर और साबून की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा रोजाना क्लासरूम को सैनेटाइज किया जाएगा। छात्रों की हाजरी बायोमीट्रिक मशीनों के बजाए रजिस्टर पर लगाई जाएगी। शारीरिक दूरी के नियमों की पालना के लिए एक साथ बच्चों को बुलाने के बजाए बैच में बुलाया जाएगा। किस दिन कितने शिक्षकों को बुलाना है इसका निर्धारण प्रधानाचार्य करेंगे। हॉस्टल, लैब और क्लासरूम तीनों ही स्थानों पर शारीरिक दूरी के नियमों का सख्ती से पालना करना होगा। सर्दी जुकाम जैसे लक्षणों वाले छात्रों को संस्थान में नहीं बुलाया जाएगा। आईटीआई में बाहरी लोगों के आने पर पूणर्त प्रतिबंध रहेगा, यदि जरूरी हुआ तो इसके लिए प्रधानाचार्य की अनुमति लेनी होगी। क्लास रूम में बैठने की व्यवस्था इस तरह से तैयार करनी होगी ताकि शारीरिक दूरी के नियमों की पालना हो सके।

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