Skip to main content

#Birdflu : पौंग में 6 दिन में 21 प्रवासी पक्षी मिले मृत, अब तक का आंकड़ा 4,993 पहुंचा

धर्मशाला। कांगड़ा (Kangra) जिला की पौंग (Pong Lake) झील में आज दो प्रवासी पक्षी मृत मिले हैं। यह पक्षी बार हेडिड गीज प्रजाति के हैं। यह पक्षी जवाली और रेंसर बीट में मृत मिले हैं। पौंग झील में प्रवासी पक्षियों की मृत्यु का कुल आंकड़ा 4993 पहुंच गया है। पिछले पांच दिन में 19 प्रवासी पक्षी मृत मिले हैं। तीन जनवरी को 2, 29 को तीन, 28 को 4, 27 और 26 जनवरी को 5-5 प्रवासी पक्षी मृत मिले थे।

यह भी पढ़ें: #Birdflu: हिमाचल में बाहरी राज्यों से आने वाले पोल्ट्री उत्पादों पर रोक एक सप्ताह बढ़ी

बता दें कि पौंग झील में पिछले 33 दिन पहले प्रवासी पक्षियों के मृत मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। एकाएक बड़ी संख्या में पक्षी मृत पाए गए थे। मृत प्रवासी पक्षियों (Migratory Birds) के सैंपल जांच को जालंधर भेजे गए। जालंधर में पक्षियों में बर्ड फ्लू (#Birdflu) की संभावना जताई गई। इसके बाद फाइनल रिपोर्ट के लिए पक्षियों के सैंपल बड़ी लैब भोपाल भेजे गए थे। भोपाल से पक्षियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हो गया था। डीसी कांगड़ा राकेश प्रजापति (DC Kangra Rakesh Prajapati) ने आदेश जारी कर पौंग झील के एक किलोमीटर एरिया को अलर्ट जाने घोषित किया है। साथ ही 9 किलोमीटर एरिया को निगरानी जोन घोषित किया गया है।

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group 

The post #Birdflu : पौंग में 6 दिन में 21 प्रवासी पक्षी मिले मृत, अब तक का आंकड़ा 4,993 पहुंचा appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3j31QOM
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...