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हिमाचल बिजली बोर्ड ने घोषित की नई दरें, 18 लाख उपभोक्ताओं को दी राहत

शिमला। कोरोना महामारी के बीच हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (Himachal Pradesh Electricity Regulatory Commission) ने बिजली की नई दरें (New Electricity Rates) घोषित कर दी है। आयोग ने कोरोना (Corona) काल में प्रदेश के 18 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को राहत देते हुए दरों में किसी भी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की है। आयोग ने साफ किया है कि कोराना काल के चलते इस बार किसी भी क्षेत्र में बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं की है। हालांकि औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) में बिजली की दरें कम कर उद्योगपतियों को जरूर राहत प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने के लिए बिजली बोर्ड को 424,74 करोड़ की सब्सिडी दे रही है। जिसके चलते घरेलू उपभोक्ताओं (Domestic consumers) को अगले एक साल तक अपने बिजली के बिलों का भुगतान पुरानी दरों के हिसाब से ही करना होगा।

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बिजली बोर्ड ने दरों में 20 से 25 फीसदी तक इजाफे की मांग करते हुए याचिका दायर की थी, लेकिन कोरना काल के चलते सभी पक्षों ने जनसुनवाई के दौरान ही दरों में बढ़ोतरी ना करने की बात आयोग के समक्ष रखी थी। आयोग ने बिजली बोर्ड की अगले साल होने वाली आय का आकलन 6080,88 करोड़ करते हुए ये आदेश पारित किया है। आयोग के फैसले के बाद घर, दुकान, कार्यालय से लेकर कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल हो रही बिजली का पहले की दरों के अनुसार ही बिजली बिल (Electricity Bill) आएगा। वहीं कोरोना (Corona) की मार झेल रहे उद्योगों को बिलों में राहत मिलेगी। वर्तमान में इन्हें रात्रि के समय बिजली इस्तेमाल करने की छूट पहले 40 पैसे प्रति यूनिट थी। अब इसे 30 पैसे बढ़ाकर 70 पैसे प्रति यूनिट कर दिया है। इसी तरह से उद्योगों से बिजली बोर्ड को 6.10 पैसे प्रति यूनिट की दर से पीक आवर चार्ज लिए जाते हैं, इसमें भी 50 पैसे की कमी कर दी है। प्रदेश में बिजली का 60 फीसद इस्तेमाल उद्योग ही करते हैं। उद्योगों में ज्यादा बिजली का इस्तेमाल होने से बिजली बोर्ड की आय बढ़ेगी।

 

 

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