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पानी के टैंक में मिले जंगली जानवरों के कंकाल, 6 गांवों को होती है पेयजल सप्लाई

कुल्लू। लोगों को स्वच्छ पानी पिलाने का दम भरने वाले जलशक्ति विभाग (Jal Shakti Department) के पेयजल भंडारण टैंक में मरे हुए कई जंगली जानवरों के कंकाल मिले हैं। मामला हिमाचल के कुल्लू (Kullu) जिला की दलाश पंचायत के सोईधार गांव में सामने आया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्रामीण खुद सफाई करने के उद्देश्य से टैंक में उतरे। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने स्वयं टैंक की सफाई की तो जंगली जानवरों के कंकाल (Skeletons of Wild Animals) और गाद निकली। इससे जल जनित रोगों के फैलने की आशंका बन गई है। ग्रामीणों (villagers) का कहना है कि विभाग आज तक पेयजल स्टोरेज टैंक (drinking water Storage Tank) पर छत तक नहीं लगा पाया है। खुले टैंक में ही पानी स्टोर किया जा रहा है। जिसके चलते ग्रामीण लंबे समय से इसी टैंक का दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

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ग्रामीणों का आरोप है कि टैंक पर लेंटर ना होने से इसमें जीव-जंतु और कचरा समा रहा है। विभाग लोगों को मटमैला और गंदगी भरा पेयजल आपूर्ति मुहैया करवा रहा है। इस टैंक से सोईधार, शिलाबाग, गौंडाधार, दनारा और वोआ आदि गांवों के लिए पेयजल सप्लाई होती है। ग्रामीण राजेंद्र कुमार, यशवंत, सीता राम, विमला देवी, रजनी देवी, सुनीता देवी, गिरधारी लाल, मनोहर लाल, सतपाल, राजकुमार, विनोद, मनमोहन, अंकुश और निखिल ने कहा कि जब लोगों ने टैंक की सफाई की तो उसमें से जीव से लेकर अधिक मात्रा में गंदगी निकली। ग्रामीणों ने बताया कि यहां लंबे समय से फिटर भी उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते लोगों को खुद ही पानी की आपूर्ति सुचारु रूप से चलानी पड़ती है। वहीं, जलशक्ति विभाग आनी के एक्सईएन राजकुमार कौंडल ने कहा कि एसडीओ और जेई (SDO JE) को निर्देश दिए गए हैं कि टैंकों की समय-समय पर सफाई की जाए। जहां तक सोईधार के टैंक की बात है। इस विषय में एसडीओ और जेई दलाश सबडिवीजन से रिपोर्ट तलब की जाएगी।

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