Skip to main content

एचपीयू में बवालः वीसी का घेराव करने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्कामुक्की

शिमला। एचपीयू( HPU) में वीसी के घेराव करने के लिए पहुंचे एसएसयूआई ( NSUI)कार्यकर्ताओं और पुलिस क्यूआरटी फोर्स ने जमकर धक्का-मुक्की हुई। छात्र वीसी ऑफिस( VC Office) के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे और पुलिस और क्यूआरटी फोर्स उन्हें रोक रही थी। करीब आधे घंटे तक वीसी आफिस के बार खासा बवाल मचा रहा। इसके बाद कार्यकर्ता वीसी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए प्रदेश भर से सैंकड़ों की संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता एचपीयू में मौजूद है।

यह भी पढ़ें: एचपीयू पहुंचने पर सीएम जयराम का कुछ इस तरह हुआ विरोध, एसएफआई ने लगाए नारे

 

 

प्रदेश में उच्च शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण के खिलाफ और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बचाने व विवि एवं कॉलेज छात्रों की विभिन्न मांगों को मनवाने के लिए एनएसयूआई के छात्र क्रर्मिक अनशन पर थे। उन्होंने अपनी मांगें मनवाने के लिए आज तक का अल्टीमेटम दे रखा था। लेकिन जब उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे वीसी का घेराव करने उनके ऑफिस पहुंच गए। एचपीयू प्रशासन की ओर से वहां पर भारी संख्या में पुलिस और क्यूआरटी फोर्स को तैनात कर रखा था। छात्र जब अंदर जाने लगे तो पुलिस और क्यूआरटी फोर्स उन्हें रोका इस दौरान दोनों पक्षों में खूब धक्का मुक्की हुई और इसके बाद छात्र वहीं पर धरने पर बैठ गए। छात्र नेताओं ने छात्रों को संबोधित किया और एचपीयू के वीसी पर मनमानी करने के आरोप लगाए। एसपीयू में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। एनएसयूआई का आरोप है कि प्रदेश सरकार ने पहले ही एक अयोग्य व्यक्ति को यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया है और अब सेवा विस्तार दे दिया गया है। एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि एचपीयू प्रशासन अभी तक 2015 के छात्रों के लिए रिएसेसमेंट की प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाया है।इसके अलावा यूनिवर्सिटी में आरएसएस के लोगों की बैक डोर एंट्री भी वीसी करवा रहे हैं जो बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ है।एचपीयू प्रशासन छात्रों के पेपर भी आउटसोर्स पर चेक किए जा रहे हैं।छात्रों के मुद्दों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर नहीं है इसलिए मजबूरन आज यूनिवर्सिटी का घेराव किया गया है

 

 

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

The post एचपीयू में बवालः वीसी का घेराव करने पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्कामुक्की appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/3C0mCI4
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...