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साहब ! जो जगह हमें दी -वहां रोजी-रोटी कमाना मुश्किल,रेहड़ी-फड़ी धारकों का दर्द

मंडी। शहर के सेरी चानणी पर रेहड़ी-फड़ी धारकों को इन दिनों रोजी रोटी कमाना मुश्किल हो गया है, रेहड़ी-फड़ी धारकों का कहना है कि 6 साल पहले उन्हें स्कूल बाज़ार से उठाकर डीसी ऑफिस के नजदीक सेरी चानणी के पास स्थान दिया गया था, लेकिन यहां पर काम न होने के चलते उन्हें अपना गुजारा करना मुश्किल हो गया है। रेहड़ी धारक एसआर राजू ने बताया कि जहाँ उन्हें रेहड़ी लगाने के लिए स्थान दिया है वहां नाममात्र लोग पहुंच पाते हैं, जिसके चलते उनका काम बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस स्थान पर उन्होंने और अन्य रेहड़ी फड़ी धारकों ने बदल बदल कर काम शुरू किए लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मुनाफा नहीं हो रहा है।

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उन्होंने कहा कि यहां पर काम न होने के चलते अधिकतर रेहड़ी फड़ी धारक घर पर बैठने को मजबूर हैं। वहीं कुछ रेहड़ी धारक अपनी दुकान चला रहे हैं तो कुछ ने बंद करके रखी हैं जिसके स्थान पर अन्य गरीब लोगों को रेहड़ी चलाने का मौका दिया जाए। इसके साथ ही इस स्थान पर रात के समय शरारती तत्वों द्वारा शराब पीकर बोतलें फैंकनें व तोड़फोड़ करने के मामले भी हुए हैं जिससे भी रेहड़ी फड़ी धारक परेशान हैं। रेहड़ी धारकों ने स्थानीय जिला प्रशासन मंडी से सेरी चानणी में सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की है ताकि कोई शरारती तत्व उनकी रेहड़ियों से छेड़छाड़ न कर सके। वहीं उन्होंने नगर निगम से रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए उचित स्थान मुहैया करवाने की मांग की हैं। राजू ने बताया कि इसके साथ ही प्रदेश सरकार के द्वारा मंडी में रेहड़ी-फड़ी मार्केट बनाने के लिए दो करोड़ देने की बात कही है लेकिन इस पर कोई काम होता दिखाई नहीं दे रहा है।

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