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हिमाचल: दिवाली पर दो घंटें चला सकेंगे पटाखे, अन्य त्यौहारों की समय सीमा भी की तय

शिमला। हिमाचल में दिवाली (Diwali) पर चार नवंबर को लोग रात 8 से 10 बजे तक यानी दो घंटे ही पटाखे चला सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) ने दिवाली सहित चार अन्य पर्वों पर चलाई जाने वाली आतिशबाजी की समय सीमा तय कर दी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर के आधार पर जारी किए हैं। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है। बोर्ड सदस्य सचिव हरिकेश मीणा ने इस बारे में लोगों से सहयोग भी मांगा है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आम जनता से अपील की है कि इस समय का पालन करें और केवल ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग करें।

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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली और उसके बाद आ रहे त्यौहारों पर पटाखे फोड़ने की समय सीमा निर्धारित कर दी है। इसके अुनसार सबसे पहले 4 नवंबर को आ रही दिवाली पर रात 8 से 10 बजे तक पटाखे (Crackers) जलाए जा सकेंगे। इसके बाद 19 नवंबर को गुरुपर्व पर सुबह 4 से शाम 5 बजे तक और रात 9 से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। क्रिसमस पर 25 दिसंबर को रात 11.55 से 26 दिसंबर दोपहर 12.30 बजे तक और नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात 11.55 से एक जनवरी, 2022 को दोपहर 12.30 बजे तक पटाखे जलाए जा सकेंगे। बोर्ड का मानना है कि आतिशबाजी चलाना कोविड से ग्रसित मरीजों के लिए भी खतरानाक है। इससे निकलने वाला धुआं कोविड मरीजों के लिए सांस की समस्या पैदा कर सकता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आम जनता से भी अपील की है कि वह अपने और दूसरे लोगों के स्वास्थ्य (Health) को ध्यान में रखते हुए दिवाली पर आतिशबाजी करने को ना कहें। उनकी इस पहल से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। बोर्ड ने 19 नवंबर को मनाए जाने वाले गुरु पर्वए 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले क्रिसमस पर्व और 31 दिसंबर को नए साल जश्न के मौके पर चलाई जाने वाली आतिशबाजी की समय सीमा तय कर दी है।

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