Skip to main content

हिमाचल में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने बोला हल्ला, निकाली रैलियां

शिमला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (Trade Unions) के आह्वान पर सोमवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में विभिन्न संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रैली निकाली और अपना रोष जताया। प्रदेश भर में ट्रेड यूनियनों द्वारा किए गए प्रदर्शन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के साथ-साथ मिड-डे मील वर्कर्स और विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के श्रमिकों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। इस दौरान ट्रेड यूनियन के नेताओं ने मोदी सरकार (Modi Govt) पर कामगार विरोधी होने का आरोप जड़ा। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए 44 श्रम कानूनों को निरस्त कर डाला। जबकि चार लेबर कोड्स लागू कर श्रमिकों की आवाज को दबाने का काम किया है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- Bharat Bandh: श्रम कानूनों में बदलाव को लेकर पूरे देश में प्रदर्शन, बैंक और उद्योगों पर लटके ताले

ऊना में मोदी सरकार पर बोला हमला

ऊना। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आज ऊना (Una) जिला मुख्यालय पर भी तमाम ट्रेड यूनियनों की स्थानीय इकाइयों ने हल्ला बोल प्रदर्शन किया। इस दौरान तमाम ट्रेड यूनियनों (Trade Unions) ने केंद्र की मोदी सरकार पर श्रमिक विरोधी होने के आरोप जड़े। ट्रेड यूनियनों की मांग है कि केंद्र सरकार द्वारा निरस्त किए गए 44 श्रम कानूनों को वापस लाया जाए और उनकी जगह बनाए गए चार लेबर कोड्स फौरन हटाए जाएं। वही ट्रेड यूनियनों के पदाधिकारियों ने देशभर के कर्मचारियों की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए पुरानी पेंशन स्कीम को दोबारा लागू करने की भी मांग उठाई।

मंडी की सड़कों पर 11 ट्रेड यूनियन गरजी


मंडी।
जिला में सीटू (CIITU) के बैनर तले 11 ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रैली निकाली । मंडी शहर के बीचोबीच निकाली गई इस रैली में सैंकड़ों मजदूरों व कर्मचारियों ने हाथों में बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। इस मौके पर सीटू जिला सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार जनविरोधी नीतियां लाकर मजदूरों व कर्मचारियों का शोषण करने पर तुली हुई है।

बिलासपुर में केंद्र सरकार की नीतियों का किया विरोध


बिलासपुर।
जिला मुख्यालय बिलासपुर में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों द्वारा रैली निकाली गई, जिसमें केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। बिलासपुर (Bilaspur) के मुख्य बस स्टैंड के साथ लक्ष्मी नारायण मंदिर से जिला डीसी कार्यालय तक बड़ी संख्या में इकठ्ठे हुए लोगों ने रैली निकाली। इसी दौरान एटक के राज्य सचिव परवेश चंदेल ने कहा कि केंद्र सरकार तानाशाही पर उतर आई है और तानाशाही तरीके से मजदूरों का शोषण कर रही है। देश में जो 44 श्रम कानून बनाए गए थे। उन श्रम कानूनों को सरकार द्वारा खत्म किया गया है। किसानों को समर्थन मूल्य अभी तक नहीं दिया गया साथ ही जो देश की परिसंपत्तियों है उन्हें निजी हाथों में बेचने की केंद्र सरकार द्वारा साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की कीमतें दिन पतिदिन बढ़ रही है जबकि मजदूरों की दिहाड़ी नहीं बढ़ाई जा रही है।

 

सीटू के बैनर तले हमीरपुर के गांधी चौक में धरना

 

हमीरपुर। पूरे प्रदेश में विभिन्न ट्रेड यूनियनों द्वारा दो दिवसीय हड़ताल की जा रही है। इसी के चलते विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने सीटू के बैनर तले हमीरपुर के गांधी चौक में धरना प्रदर्शन किया। यह धरना प्रदर्शन भोटा चौक से शुरू होकर गांधी चौक तक रैली के रूप में निकाला गया। जिसमें केंद्र व प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों को लेकर नारेबाजी भी की। धरना प्रदर्शन में भारी संख्या में मनरेगा मजदूरों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर लामबंद हो गए हैं। सीटू प्रदेश सचिव कश्मीर ठाकुर ने कहा कि आज 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और फेडरेशन बैंकए पोस्टलए एलआईसी आदि ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ एकजुट होकर धरना प्रदर्शन दिया है।


हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

The post हिमाचल में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने बोला हल्ला, निकाली रैलियां appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/NbWeioa
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...