Skip to main content

हिमाचल में समलैंगिक विवाहः ऊना के युवक ने रचाई उत्तराखंड के युवक से शादी, 6 माह बाद खुला राज  

ऊना।  हिमाचल में एक अनोखी शादी हुई है। आप ने लड़का-लड़की की शादी के बारे में सुना होगा पर ऊना में समलैंगिक विवाह  का मामला सामने आया है। एक लड़का ऊना शहर का रहने वाला है जबकि दूसरा उत्तराखंड का है। हालांकि दोनों की शादी को छह माह बीत चुके हैं और मामले का खुलासा सोमवार रात्रि को हुआ। उत्तराखंड के युवक का चेहरा युवती की तरह होने के चलते किसी को शक भी नहीं हुआ। जब बात आस पड़ोस तक पहुंची  और हंगामा हुआ और दोनों युवक पुलिस की शरण में पहुंच गए।

जानकारी के अनुसार ऊना शहर के युवक का छोटे भाई के अलावा इस दुनिया में कोई नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पहले ऊना शहर के एक युवक की  फेसबुक पर एक युवक से दोस्ती हो गई। बातों का सिलसिला बढ़़ऩे लगा और दोनों में प्यार हो गया। ऐसे  में दोनों ने शादी करने का फैसले किया और करीब छह माह पहले दिल्ली के एक मंदिर में दोनों शादी रचा ली। बताया जा रहा है कि चार दिन पहले उत्तराखंड का युवक ऊना रहने के लिए आया। लेकिन छोटे भाई को दोनों पर शक  हो गया। उसने भाई से शादी करने की बात की तो  मामले का खुलासा हुआ। इसी बात को लेकर सोमवार रात्रि कुछ हंगामा भी हुआ और इसके बाद दोनों युवक पुलिस की शरण में पहुंच गए। साथ ही पार्षद भी पुलिस चौकी ऊना पहुंचे। जहां पर पुलिस ने  उतराखंड के युवक के परिजनों को ऊना बुलाया है। उधर, चौकी इंचार्ज जगवीर सिंह का कहना है कि दोनों युवक साथ में रहने की बात कर रहे है। उत्तराखंड के युवक के परिजनों को बुलाया गया है, जिसके बाद ही अगामी निर्णय लिया जाएगा। जाहिर है कि हिमाचल प्रदेश में समलैंगिक विवाह के मामले अभी तक सामने नहीं आए हैं।

हिमाचल और देश-दुनिया के ताजा अपडेट के लिए like करे हिमाचल अभी अभी का facebook page

 

The post हिमाचल में समलैंगिक विवाहः ऊना के युवक ने रचाई उत्तराखंड के युवक से शादी, 6 माह बाद खुला राज   appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/Ujlg9S2
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...