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हिमाचल में राजनीतिक हस्तक्षेप से हो रहीं ट्रांसफर पर लगी रोक

शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट (Himachal High Court) ने राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते किए जा रहे स्थानन्तरित आदेशों पर पूर्णतया रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंधित व्यक्तियों द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर राज्य में कोई स्थानांतरण ( Transfer) आदेश नहीं जारी किया जाएगा। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश चंदर भुसन बारोवालिया की खंडपीठ ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं (Workers) और पदाधिकारियों के हाथों इस कृत्रिम सशक्तिकरण पर अंकुश लगाने की जरूरत है और इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप कानून का शासन टूट जाएगा और समाज में अराजकता पैदा होगी, इसलिए राज्य सरकार या उसके अधिकारियों को किसी भी राजनीतिक प्राधिकरण] विभिन्न बोर्डों (Boards)और निगमों के अध्यक्षो द्वारा किए गए स्थानांतरण की किसी भी सिफारिश पर स्थानन्तरित आदेश पारित करने पर रोक लगा दी।

यह भी पढ़ें:युग हत्या मामले के दोषियों की सजा-ए-मौत पर हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, यहां पढ़ें

कोर्ट ने कहा कि इस न्यायालय के समक्ष ऐसे मामले बार-बार आ रहे हैं, जिनमें उपरोक्त ऐसे व्यक्तियों द्वारा जारी की गई सिफारिशों व डीओ नोट के आधार पर स्थानान्तरित आदेश जारी किए जा रहे है, जिनकी प्रशासनिक विभागों में कोई भूमिका या अधिकार नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप सैकड़ों नहीं तो हजारों मामलो की इस न्यायालय में बाढ़ आ गए हैं, वस्तुतः व्यवस्था को ठप कर रहे हैं। अधिक दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इस न्यायालय के बारण्बार आदेश के बावजूद प्रतिवादियों ने सबक ठीक से नहीं सीखा है।

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