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श्रावण अष्टमी मेले आज से शुरू, शक्तिपीठों में उमड़े मां के भक्त

श्रावण अष्टमी मेले आज से शुरू हो गए हैं। हिमाचल के सभी शक्तिपीठों में इन मेलों को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली है। भक्त सुबह से ही मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधाओं व सुरक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम भी उठाए गए हैं। प्रदेश के सभी शक्तिपीठों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है साथ ही पुलिस जवान, गृहरक्षक तैनात किए हैं। सफाई व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

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शक्तिपीठ नैना देवी में श्रावण अष्टमी नवरात्र मेला मंत्रोच्चारण सुबह की आरती के साथ धूमधाम के साथ शुरू हो गए। श्रावण अष्टमी मेला के दौरान पंजाब, हिमाचल, हरियाणा दिल्ली और अन्य प्रदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। आज प्रथम नवरात्र के उपलक्ष्य पर श्रद्धालुओं ने लंबी-लंबी लाइनों में माता के दर्शन किए। पूरा दरबार पहुंचे जयकारों से गूंज उठा।

पंजाब की समाजसेवी संस्थाओं द्वारा मां के मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों लड़ियों से सजाया गया है । श्रावण अष्टमी मेला के दौरान लगभग 800 के करीब पुलिसकर्मी होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हेतु चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। भारी भीड़ के चलते श्रद्धालुओं को छोटे-छोटे जत्थों के मंदिर भेजा जा रहा है।

हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशों से मंदिर व जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की है। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में नारियल व कड़ाह प्रसाद चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। असामाजिक तत्वों और जेब कतरों पर नजर रखने के लिए मंदिर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।मंदिर क्षेत्र में सादा लिबास में भी पुलिसकर्मी तैनात है। एसपी एसआर राणा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह पुलिस के द्वारा बताए जा रहे निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करें

जिला कांगड़ा में शक्तिधामों मां ज्वाला, बज्रेश्वरी देवी कांगड़ा व चामुंड़ा नंदिकेश्वर धाम में सुबह ही पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बढ़ी है। चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में श्रद्धालुओं को नारियल चढ़ाने व बनेर खड्ड बाण गंगा में नहाने व खड्ड में जाने पर प्रतिबंध है। ज्वालामुखी में मां का दरबार पांच बजे श्रद्धालुओं के लिए खुल गया है और रात तक यह खुला रहेगा। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा रहेगी।

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