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हिमाचल में भारी बारिश: बिलासपुर में फटा बादल, उफान पर आई खड्डों से सहमे लोग

शिमला। हिमाचल में भारी बारिश (Rain) का दौर चला हुआ है। प्रदेश भर में नदियों से लेकर छोटे छोटे नाले भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं। बीती रात से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है। जिससे प्रदेश भर में भारी नुकसान भी हुआ है। कई सड़कें (Road) बंद हो गई हैं। तो कई लोगों के घर जमींदोज हो गए। वहीं भारी बारिश के बीच बिलासपुर (Bilaspur) जिला में बादल फटने (Clouds Burst) की खबर भी सामने आई है। इससे यहां काफी नुकसान हुआ है। यह बादल ग्राम पंचायत हरलोग के गांव भंगलेड़ा के बाण सिम्बलु के बीच फटा है। मलबा आने से लोगों की जमीन और घरों को खतरा पैदा हो गया है। यहां तक की मलबा आने से गांव को जाने वाला रास्ता भी पूरी तरह से बंद हो गया है। ग्रामीणों की माने तो देर रात से बारिश हो रही थी। जिससे सुबह के समय यहां पर बादल फटा। पहाड़ी से बड़े बड़े पत्थर नीचे आ गिरे। जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल पैदा हो गया। हालांकि बादल फटने से किसी तरह का कोई जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

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इसी तरह से जिला कांगड़ा (Kangra) की सभी खड्डें उफान पर चल रही हैं। कांगड़ा घाटी की धौलाधार की वादियों में कल रात से तेज बारिश का सिलसिला जारी है, जो कि रविवार को भी जारी रहा। पहाड़ों से निकलने वाली सभी खड्डें खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। खड्डों के आसपास रहने वाले लोग सहम उठे हैं। धर्मशाला के साथ लगती मांझी खड्ड, मनूनी, भागसू नाला चरान खड्ड, शाहपुर की गज खड्ड और पालमपुर क्षेत्र की अगर बात करें तो नयुगल खड्ड भी पूरी तरह से उफान में बह रही है। डीसी कांगड़ा डॉक्टर निपुण जिंदल ने सभी लोगों को पूरी तरह से अलर्ट (Alert) रहने की हिदायत दी है। उन्होंने खड्डों, नदी-नालों के किनारे जाने वाले सभी लोगों को पूरी तरह से मनाही की है साथ ही खड्डों और नालों के किनारे बसे लोगों को भी अलर्ट रहने की चेतावनी जारी कर दी है।

 

शिमला में दिन में छाया अंधेरा

राजधानी शिमला (Shimla) में भी भारी बारिश का दौर जारी है। शिमला और इसके आसपास के इलाकों को बारिश के साथ धुंध ने अपने आगोश में ले लिया है। भरी दोपहर में रात जैसी स्थिति बनी हुई है। प्रदेश की कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटों के दौरान प्रदेश में 9 कच्चे-पक्के मकान और 8 गौशालाएं ध्वस्त हो गई। इनमें 2 मकान पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि 8 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 3 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि 4 और 5 अगस्त को मानसून थोड़ा कमजोर रहने वाला है, इससे बारिश में कमी आएगी।

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