Skip to main content

845 टीजीटी बने स्कूल प्रवक्ता, 15 सितंबर तक नए स्कूलों में करना होगा ज्वाइन

हिमाचल प्रदेश सरकार ने 845 टीजीटी अध्यापकों( 845 TGT Teachers) को प्रोमोशन ( Promotion)का तोहफा दिया है। उच्चतर शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सूची के अनुसार 845 टीजीटी को स्कूल लेक्चरर ( school lecturer) के तौर पर किया प्रमोट किया है। पिछले काफी समय से ये टीजीटी अध्यापक प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे। पदोन्नत प्रवक्ताओं को नए स्टेशन भी दिए गए हैं। इन्हें ज्वाइनिंग के लिए 15 सितंबर तक का वक्त दिया गया है। आदेशों में कहा गया है कि इसके बाद कोई एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी।इस लिस्ट में केमिस्ट्री के 62, जियोलॉजी, संस्कृत और सोशलॉजी के 27, राजनीतिक विज्ञान के 115, इंग्लिश के 121, मैथ के 58, हिस्ट्री के 104, इकोनॉमिक्स के 79, बायोलॉजी के 47, फिजिक्स के 71, कॉमर्स के 53 और हिंदी सब्जेक्ट में 99 को प्रवक्ता बनाया गया है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल हाईकोर्ट ने वरिष्ठता मामले में दी महत्वपूर्ण व्यवस्था, एक क्लिक पर पढ़ें

यहां देखें पूरी लिस्ट

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सीएम जयराम ,शिक्षा मंत्रीगोविंद ठाकुर और शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत शर्मा का 845 टीजीटी से प्रवक्ता बनाने के लिए आभार व्यक्त किया है । महासंघ के प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार ,प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ,संगठन मंत्री विनोद सूद, सह संगठन मंत्री , भीष्म और प्रांत के सभी कार्यकारिणी के सदस्य तथा जिले की कार्यकारिणी के सदस्यों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

The post 845 टीजीटी बने स्कूल प्रवक्ता, 15 सितंबर तक नए स्कूलों में करना होगा ज्वाइन appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/4WznLOr
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...