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बाबा भूतनाथ व महामृत्युंजय समेत कई मंदिरों में विराजमान हुए गणपति बप्पा

मंडी। हर साल पूरे देश में पूरे उत्साह और जोश के साथ गणेश उत्सव मनाया जाता है। गणेश चतुर्थी के दिन से लेकर अनंत चौदस के दिन तक गणेश जी की प्रतिमाओं की रौनक से देशभर में उल्लास छा जाता है। गणेश उत्सव के समय देश के हर शहर और गली में अलग ही नजारा देखने को मिलता है। इस बार गणेश उत्सव का पर्व 31 अगस्त यानी आज से शुरू हो रहा है। पूरे देश सहित छोटी काशी मंडी में भी गणेश उत्सव की धूम देखने को मिल रही है।

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छोटी काशी के बाबा भूतनाथ, बाबा महामृत्युंजय, नीलकंठ महादेव, सिद्ध गणपति सहित विभिन्न मंदिरों में गणपति बप्पा विराजमान हो गए हैं। बाबा महामृत्युंजय मंदिर में पिछले 16 वर्षों से गणपति उत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर में 7 सितंबर को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

वहीं नीलकंठ महादेव मंदिर में भी 19वां गणपति उत्सव मनाया जा रहा है। नीलकंठ महादेव मंदिर में 8 सितंबर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। 9 सितंबर गणेश चतुर्थी के दिन शहर में गणपति बप्पा मोरिया की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके उपरांत ब्यास नदी में मूर्ति विसर्जन किया जाएगा।

बता दें कि गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और गणपति पूजा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इन दस दिनों में जो भी सच्चे मन से श्री गणेश की पूजा करते हैं, बप्पा उनके सारे विघ्न हर लेते हैं। यह पर्व पहले महाराष्ट्र विशेष रूप से मनाया जाता था। लेकिन अब धीरे-धीरे पूरे भारतवर्ष में गणेश उत्सव को मनाने की परंपरा चल पड़ी है।

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