Skip to main content

हिमाचल के बॉर्डर को जीतने की जंग, बीजेपी-कांग्रेस ने बनाया प्रतिष्ठा का सवाल

पंजाब बॉर्डर (Punjab Border) से सटी हिमाचल प्रदेश की गगरेट विधानसभा सीट (Gagret Assembly Seat) बीजेपी-कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी हुई है। बीजेपी फिलवक्त इस सीट पर काबिज है,कांग्रेस (Congress) इस सीट को जीतना चाहती है,इसलिए उसने अपने पुराने चेहरे की जगह चेहरा ही बदल दिया है। मतलब कांग्रेस का पुराना चेहरा नाराज होकर बीजेपी (BJP) से जा मिला है,लेकिन भगवां पार्टी को इसका कितना लाभ मिल पाता है,ये देखना होगा। बीजेपी इस सीट को किसी भी कीमत पर पुनः जीतना चाहती है। अखाड़े में बीजेपी के राजेश ठाकुर हैं तो कांग्रेस के (Chaitanya Sharma) चैतन्य शर्मा। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में यहां से बीजेपी को जीत हासिल हुई थी। भारतीय जनता पार्टी के राजेश ठाकुर (Rajesh Thakur) यहां के मौजूदा विधायक हैं। गगरेट विधानसभा सीट जिला ऊना के अंतर्गत आती है। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव में यहां कुल 56.95 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। बीजेपी के राजेश ठाकुर ने कांग्रेस के राकेश कालिया (Rakesh Kalia) को 9320 वोटों के अंतर से मात देकर जीत दर्ज की थी।

यह भी पढ़ें- रोचक है दून विस का इतिहास, जो एक बार हारा वो दोबारा नहीं जीत पाया

वर्ष पार्टी विजेता

1977 जनता पार्टी साधू राम
1982 बीजेपी साधू राम
1985 कांग्रेस मिल्खी राम
1990 बीजेपी साधू राम
1993 कांग्रेस कुलदीप कुमार
1998 कांग्रेस कुलदीप कुमार
2003 कांग्रेस कुलदीप कुमार
2007 बीजेपी बलवीर सिंह
2012 कांग्रेस राकेश कालिया
2017 बीजेपी राजेश ठाकुर

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

The post हिमाचल के बॉर्डर को जीतने की जंग, बीजेपी-कांग्रेस ने बनाया प्रतिष्ठा का सवाल appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/AkQx6YU
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...