Skip to main content

शिवधाम निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को नहीं मिला वेतन, सीएम नहीं ले रहे सुध

मंडी। शहर के कांगड़ी धार में शिव धाम निर्माण कार्य में लगे मजदूर आज पलायन कर रहे हैं। निर्माण कार्य में लगी कंपनी ने कई महीने से मजदूरों को वेतन नहीं दिया है। सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) अपने ड्रीम प्रोजेक्ट शिव धाम (Dream Project Shiv Dham) की सुध लेने के बजाय गुजरात चुनावों में व्यस्त है। बुधवार को यह जुबानी हमला यूथ कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र ठाकुर व जिला प्रवक्ता डिंपल शर्मा ने संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान किया है। युवा नेताओं ने कहा कि सीएम जयराम ठाकुर के ड्रीम प्रोजेक्ट शिवधाम आज खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

यह भी पढ़ें:पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण में दिए जाने वाले वेतन को लेकर वित्त विभाग ने दी मंजूरी

मजदूरों को पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला है और प्रदेश के मुखिया जयराम गुजरात चुनाव प्रचार में लगे हैं। इस मौके यूथ कांग्रेस (Youth Congress) प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि शिव धाम के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को स्थानीय प्रशासन कंबल व गद्दे मुहैया करवा रहा है। लेकिन प्रदेश सरकार कंपनी पर कार्यवाही करने के बजाय कुंभकरणी नींद सोई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शिवधाम की आड़ में बहुत बड़े घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। निर्माण कार्य की कोई भी गुणवत्ता नहीं जांची जा रही है।

वहीं यूथ कांग्रेस जिला प्रवक्ता डिंपल शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का जो परिणाम घोषित किया गया जिसमें 80 फीसदी छात्र फेल है। प्रदेश में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में प्रदेश सरकार ने एचआरटीसी की बसों का भरपूर इस्तेमाल किया गया। एचआरटीसी ने प्रदेश सरकार को 14 करोड़ से अधिक बिल थमाया है। जो अब जनता की जेब से वसूला जाएगा। प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल में पूरी तरह से विफल रही है। जयराम ठाकुर प्रदेश को कर्ज तले दबाने के अलावा कुछ नहीं कर पाए।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

 

The post शिवधाम निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को नहीं मिला वेतन, सीएम नहीं ले रहे सुध appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/HZVLhOI
via IFTTT

Comments

Hot Topics

#Himachal: इस जिला में पंचायत प्रधानों के पदों का आरक्षण रोस्टर जारी, 50% के अधिक महिलाओं को

मंडी। हिमाचल के मंडी (Mandi) जिला में समस्त ग्राम पंचायतों (Gram panchayats) के प्रधान पदों का आरक्षण रोस्टर (Reservation roster) भी जारी कर दिया गया है। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 125 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मंडी में सामान्य निर्वाचन 2020 के लिए विकास खंड वार पंचायत प्रधान पद (Panchayat Pradhan post) का आरक्षण रोस्टर जारी किया है। रोस्टर के मुताबिक जिला की कुल 559 ग्राम पंचायतों में 281 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति महिला के लिए 86, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 10 व 185 पद महिला के लिए हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जाति के लिए 80 पद आरक्षित किए गए हैं, जबकि 192 पद अनारक्षित रखे गए हैं।     विकास खंड बल्ह दरव्यास (अनुसूचित जाति महिला), नटनेड़ – अनुसूचित जाति महिला, कठयॉंहू – अनुसूचित जाति महिला, समलौण – अनुसूचित जाति महिला, टरोह – अनुसूचित जाति महिला, बृखमणी – अनुसूचित जाति महिला, दूसरा खाबू- अनुसूचित जाति महिला, कोठी- ...

तिब्बतियों के नववर्ष Losar पर होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित, Dalai Lama भी जनवरी अंत तक नहीं मिलेंगे

मैक्लोडगंज। तिब्बतियों के फरवरी में मनाए जाने वाले नववर्ष लोसर (Losar)  पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। साथ ही इस बात पर भी सहमति बनी है कि तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा (Dalai Lama) जनवरी के अंत तक अपने मैक्लोडगंज (McLeodganj) स्थित पैलेस में ही रहेंगे,यानी इस अवधि में वह किसी से नहीं मिलेंगे। कोविड-19 (Covid-19)  के प्रकोप के चलते ही ऐसा निर्णय लिया गया है। इसी तरह तिब्बतियों (Tibetans) के उच्च पदासीन लोगों ने इस बात पर सहमति बनाई है, कि इस मर्तबा लोसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रम स्थगित रखे जाएं। हालांकि,तिब्बती अपने घरों के भीतर इसे अपने-अपने तरीके से मना सकते हैं। लोसर तिब्बतियों का प्रमुख पर्व है,पर इसको मनाने वाले अरुणाचल प्रदेश से नेपाल होते हुए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh) और जम्मू-कश्मीर की उत्तरी सीमाओं तक फैले हुए हैं। संक्षेप में कहें तो यह भारत की उत्तरी सीमा पर उत्साह के साथ मनाया जाने वाला पर्व है जो बौद्ध संवत् के अनुसार वर्ष के पहले माह की पहली तिथि को मनाया जाता है। तिब्बती कैलेंडर (Tibetan Calendar...

हिमाचलः एक तो भीषण गर्मी दूसरा बिजली नहीं, गुस्साए ग्रामीण पहुंच गए विभाग के दफ्तर

ऊना। भीषण गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति का लगातार प्रभावित होना लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। हालत यह है कि करीब 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी के कारण कई सारी मुसीबतें खड़ी कर रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली की आपूर्ति लगातार बाधित होने के चलते भी ग्रामीणों को चिलचिलाती गर्मी में पंखे तक का सहारा नहीं मिल पा रहा है। जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में हालत यह है कि पिछले करीब 1 सप्ताह से ग्रामीणों को पूरी-पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ रही है। यह भी पढ़ें: शिमला में गहराया जल संकट, नगर निगम कार्यालय में घड़ा और गिलास लेकर पानी लेने पहुंचे लोग जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव नंगड़ा में करीब एक सप्ताह से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को बिजली बोर्ड के अधिकारियों के द्वार पहुंचना पड़ा है। हालत यह है कि ग्रामीणों को पूरी पूरी रात बिना बिजली के बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिसमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग काफी परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं होने के चलते गांव म...