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हिमाचल के इस शहर में घरों, दुकानों, भवनों, मार्केट, पार्क आदि जगह तारें ही तारें

वी कुमार/ मंडी । बड़े लंबे समय से मंडी शहर में फैले तारों के मकड़जाल को कम करने के लिए बातें होती रही लेकिन आज भी यहां पर फैला बेतरतीब तारों का जंजाल लोगों के लिए आफत और खतरा बनता जा रहा है। मंडी को नगर निगम का दर्जा मिला इसके साथ ही शहर को स्मार्ट बनाने का काम भी शुरू हो गया है लेकिन अभी तक शहर में तारों के मकड़जाल को कम या फिर समाप्त करने में कोई भी सफल नहीं हो पाया।

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मंडी जिला के एक मात्र नगर निगम मंडी में आलम यह है कि शहर में या गलियों में कहीं भी देखें तो कई प्रकार की तारों के जंजाल और उनमें उलझे पंछी या फिर जानवार आसानी से आपको मिल जाते हैं। जिनकी वजह से कई बार शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की घटनाएं भी होती हैं। मंडी शहर में हर जगह फैली तारें आम लोगों के लिए भी खतरा बनने लगी हैं।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि इन तारों के जंजाल को कम करने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। बस कुछ स्थानों पर तारों को एक मोटी रबड़ में डाल कर समेटा गया और बिजली की तारों को दुरूस्त किया गया। स्थानीय निवासीयों ने नगर निगम और सरकार से मांग उठाई है कि मंडी शहर के खूबसूरती को दाग लगाने वाली इन सभी प्रकार की तारों को गुजरात की तरह भूमिगत किया जाए ताकि लोगों को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। इसके साथ ही लोगों का कहना है कि अभी तक नगर निगम जैसी कोई सुविधा मंडी में नहीं मिल पाई है।

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जब इस बारे में नगर निगम मंडी के उप महापौर विरेंद्र भट्ट से बात की गई तो उन्होंने भी माना कि लंबे समय से शहर में बेतरतीब ढंग से लटकाई गई तारों की वजह से परेशानी आ रही है और इस बारे में शहरवासियों की तरफ से लगातार शिकायतें भी मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में विद्युत विभाग से वार्ता कर कुछ स्थानों पर दुरूस्ती भी करवाई गई है लेकिन अभी भी बिजली और अन्य प्रकार की तारों का जंजाल शहर में बढ़ रहा है जो कि चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि नगर निगम मंडी की सभी प्रकार की तारों को भूमिगत करने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट विद्युत विभाग की तरफ से सरकार को भेजा गया है जो कि अभी धन के अभाव में अधर में ही लटका है। फिर भी उन्होंने कहा कि शहर में तारों के जंजाल को कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा ताकि शहर के लोगों को परेशानी ना हो।

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