Skip to main content

नौकरियों के लिए फार्मूला तैयार करेगा करुणामूलक संघ, ऊना में हुआ मंथन

ऊना। लंबे समय तक रोजगार के लिए संघर्ष करने वाले करुणामूलक संघ के पदाधिकारी और सदस्य निकट भविष्य में रोजगार मिलने के प्रति आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान सरकार द्वारा आगामी बजट में करुणामूलक आश्रितों के लिए बजट प्रावधान से लेकर तमाम चीजों के लिए हरी झंडी दिए जाने के बाद जल्द उन्हें रोजगार मिलने की आस जगी है।करुणामूलक संघ ने पूर्व जयराम सरकार के समय 432 दिन की लंबी क्रमिक भूख हड़ताल करते हुए अपनी मांगों के संबंध में आवाज बुलंद की थी। बुधवार को जिला ऊना मुख्यालय के विश्राम गृह में करुणामूलक संघ की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की जबकि जिला भर से करुणामूलक संघ के तमाम पदाधिकारी और सदस्य भी इस बैठक में पहुंचे। करुणामूलक संघ प्रत्येक जिला में पहुंचकर प्रदेश सरकार के समक्ष रखी जाने वाली मांगों को लेकर खाका तैयार कर रहा है।

यह भी पढ़े:Union Budget-2023: मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक व्हीकल सस्ते, शराब -सिगरेट महंगी

संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि करुणामूलक संघ के जितने भी पदाधिकारी और सदस्य हैं उनकी मांगों को लेकर वह सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से भेंट कर चुके हैं वहीं प्रदेश सरकार ने करुणामूलक संघ को एक एजेंडा तैयार करने के लिए हरी झंडी दी है जिसमें तमाम करुणामूलक लोगों की समस्याओं का हल किया जा सके। उन्होंने कहा कि करुणामूलक संघ ने पूर्व बीजेपी सरकार के समय अपनी मांगों के समर्थन में करीब 432 दिन तक क्रमिक भूख हड़ताल करते हुए संघर्ष किया था। जबकि वर्तमान सरकार के सीएम और डिप्टी ने करुणामूलक आश्रितों को जल्द न्याय देने की बात कही है। इसी के तहत एक रोड मैप के जरिए एजेंडा तैयार किया जा रहा है।

karunamulak sangh

karunamulak sangh

उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा करुणामूलक आश्रितों के परिवारों की आय सीमा 2.50 लाख रुपए निर्धारित की है जबकि इस आय सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपए तक की जाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि करुणामूलक आश्रित करीब 15 से 20 वर्ष से नौकरी की राह देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार द्वारा कुछ रिजेक्ट किए गए केसों को लेकर भी एक नोटिफिकेशन जारी की गई थी, जिसे रद्द करवाने की मांग वर्तमान सरकार से उठाई जाएगी। वहीं उन्हें रिकंसीडर करने के लिए भी सरकार से मांग उठाई जा रही है।

हिमाचल और देश-दुनिया की ताजा अपडेट के लिए join करें हिमाचल अभी अभी का Whats App Group

The post नौकरियों के लिए फार्मूला तैयार करेगा करुणामूलक संघ, ऊना में हुआ मंथन appeared first on Himachal Abhi Abhi.



from हिमाचल – Himachal Abhi Abhi https://ift.tt/1TmUD0s
via IFTTT

Comments

Hot Topics

एक दिन में 500 श्रद्धालु ही कर पाएंगे Mata Chintpurni के दर्शन, यह भी रहेंगे प्रतिबंधित

ऊना। कोरोना वैश्विक महामारी के बीच 10 सितंबर से मां चिंतपूर्णी (Mata Chintpurni) मंदिर को खोलने की तैयारी के बीच जिला प्रशासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मंदिर खुलने के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए श्रद्धालुओं से लेकर दुकानदारों तक के लिए एसओपी (SOP) जारी किए गए हैं। दिशा-निर्देशों के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर में प्रतिदिन 500 श्रद्धालुओं (Devotees) को ही दर्शनों की अनुमति होगी। चिकित्सीय परीक्षण के बाद केवल एसिम्टोमैटिक श्रद्धालु ही मंदिर परिसर में जा सकेंगे, जबकि फ्लू जैसे लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में आइसोलेट किया जाएगा और उनकी कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही मंदिर के अंदर जाने की अनुमति होगी। सभी श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करनी होगी। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण के लिए उन्हें नए बस अड्डा के समीप चिंतपूर्णी सदन अथवा प्राधिकृत क्षेत्र में पंजीकरण एवं चिकित्सीय परीक्षण हेतु संपर्क करना होगा। यह भी पढ़ें: #VaishnoDevi : बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का कोटा बढ़ा, 500 लोग कर सकेंगे यात्रा इसके अलावा भी...

मंडी शिवरात्रि : जालपा के रथ में लगी पौराणिक वस्तुओं और गहनों में झलकता है इतिहास

मंडी। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) देव भूमि है और यहां के देवताओं और रियासतकालीन राजाओं में गहरा संबंध है। इसी बात का परिचायक मंडी का शिवरात्रि महोत्सव (Mandi Shivaratri Festival) है जहां पर आने वाले सभी देवताओं की एक अपनी परंपरा और पौराणिकता हैं। मंडी शिवरात्रि में शिरकत करने वाली एक ऐसी भी देवी हैं जिनकी साज-सजावट अभी भी पुरानी परंपराओं के अनुसार की जाती है। मंडी जिला के सनोर क्षेत्र की देवी जालपा के रथ को लगने वाली अधिकतर वस्तुऐं पुरातन काल की हैं। देवी जालपा (Devi Jalpa) के रथ में लगने वाली चांदी की चादरए पुराने मोहरेए मालाए छत्र आदि करीब 3 शताब्दी पुराने हैं। माता की मालाओं में रियासत काल के राजाओ के सिक्के लगे हैं जो भी 250 वर्षों से भी पुराने हैं। इसके साथ ही माता का पुरांदा व कपड़े का प्रारूप भी प्राचीन समय के अनुसार ही है। यह भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में वाद्ययंत्र प्रतियोगिता का आगाज, देवलू- बजंतरी लेंगे हिस्सा जालपा माता सनोर बालू के भंडारी पूर्णचंद बतातें हैं कि वे लगभग बीते 50 वर्षों से माता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि माता का श्रृगां...

#Anurag ने #CU कैंपस निर्माण की सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश

धर्मशाला। केंद्रीय वित्त एवं कारपोरेट मामले राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों को केंद्रीय विश्वविद्यालय के देहरा तथा धर्मशाला में स्थायी कैंपस (Campus) निर्मित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस बाबत 14 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी प्रेषित करने के लिए कहा गया है। बैठक में अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University) प्रशासन से भूमि अधिग्रहण, कैंपस निर्माण की डीपीआर इत्यादि के बारे में विस्तार से जानकारी ली तथा सभी औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े। अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को दिल्ली (Delhi) से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से धर्मशाला में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस निर्माण के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। अनुराग बोले खतरा अभी टला नहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के कारण पूरे विश्व में संकट पैदा हुआ है। इस महामारी के चलते लोगों ...